औकात

ये भी क्या बात है

कोई नहीं साथ है

खाली खाली दिन है मेरा और सुनी सुनी रात है

जमाना पुछे मुझको ये, तेरी क्या औकात है

बोल तेरी क्या औकात है

जुता है फटा मेरा

फटी भी मेरी पँट है

गरीबी है धर्म मेरा

गरीबी ही मेरी जात है

हाँ मेरी क्या औकात है

सच में मेरी क्या औकात है


रोकडा ना जेब में तो कोई पास ना आए

दूर से ही देखे तुझको कलटी मार जाए

नसीब अच्छा है तो कुत्ता पेटभर खाए

पर साला फटेहाल भुखा रह जाए

अमीर देखो कितने ऐश करते

देश कम पड गया इन्हे विदेशों में फिरते

होता जलके राख मैं

इनके ठाठ बाँट से

सोना है गले में इनके

और मेरे धागों मे भी गठान है

हाँ मेरी क्या औकात है

बुरा है वक्त मेरा हालात मेरे खराब है

गम भूलाने के लिए भी ना ले सकू शराब मै

कैसा किया है रब्बा तुने जिंदगी का हिसाब ये

काँटे ही राह में छुपा कहाँ गुलाब है

आँगन है सुना सुना

ना कोई है आना जाना

फूलता नही है सीना

क्यो भिखारियों का जिना

पास ना है फूटी कौडी खाली मेरा मकान है

मेरी क्या औकात है

हाँ मेरी क्या औकात है

भीख ना लुँ किसीसे मेहनत करता हुँ

इमान के टुकडों से पेट भरता हुँ

चाहे लाख मुश्कीलें हो मैं ना डरता हुँ

अकेला हुँ तो क्या हुआ हमेशा आगे बढता हुँ

मेहनत मेरी शान है

मेहनत मेरा इमान है

मेहनत ही है एक चीज

जो खडी मेरे साथ है

क्यों रूकुंगा मैं मेरे भी तो दोनों हाथ है

अब दिखाऊँगा सबको की मेरी क्या औकात है

देख लेना अब मेरी क्या औकात है

हाँ मेरी क्या औकात है।।।।।।।।।।।।।।

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