#समझदारी की बात # आपस में ही लडोगे तो तरक्की कब करोगे ??

आजकल जब भी ये सोशल मिडीया के जो प्लेटफार्म है जितने ही सब जब मै ओपन करता हुँ तो हर तरफ रोज नफरतो की बाते चलती है , कोई किसीको गाली दे रहा है तो कोई किसी का फोटो एडिट करके कुछ ना कुछ लिख रहा है जिससे माहौल खराब हो रहा है और कोई तो ऐसे नमुने देखने को मिलते है जिसने खुद जिंदगी मे एक पैसे का काम न किया हो फिर भी बडे बडे महापुरूषोंकी कमीयाँ निकालते है ऐसे महाशय लोग । ऐसे में कुछ लोग भडक जाते है और फिर से वो नफरतो की कहाणी शुरू हो जाती है ।

आजकल जब भी ये सोशल मिडीया के जो प्लेटफार्म है जितने ही सब जब मै ओपन करता हुँ तो हर तरफ रोज नफरतो की बाते चलती है , कोई किसीको गाली दे रहा है तो कोई किसी का फोटो एडिट करके कुछ ना कुछ लिख रहा है जिससे माहौल खराब हो रहा है और कोई तो ऐसे नमुने देखने को मिलते है जिसने खुद जिंदगी मे एक पैसे का काम न किया हो फिर भी बडे बडे महापुरूषोंकी कमीयाँ निकालते है ऐसे महाशय लोग । ऐसे में कुछ लोग भडक जाते है और फिर से वो नफरतो की कहाणी शुरू हो जाती है ।

एक दुसरे के लिए इतनी नफरत है कि लोग अपने शब्दो से जहर उगलने लगते है , जो आदमी बेचारा कुछ नया देखने के लिए मोबाईल खोलता है वो भी ये ऐसी चीजे देखकर उनमे शामिल हो जाता है , उसको पता ही नही चलता कि ये नफरतो का जहर कुछ चंद मिनटो मे ही उसके अंदर भी घुस गया है ।

अब मेरा ये सवाल उन सब लोगो से है जो ऐसे सोशल मीडिया पर बैठकर जहर उगलने का काम करते है आपको ये सब करके क्या मिलता है ?  

कुछ लोग तो दिनभर बस यही पोस्ट करते रहते है कि इसने ये किया , उसने वो किया और दिनरात गढे हुए मुर्दे उखाडने का काम होता रहता है , ऐसे चीजो से कुछ लोग खुश होते और कुछ आहत होते है और फिर बहस शुरू ।

देखो भाई हम किसी भी जात , धर्म के होने से पहले हम एक भारतीय है और भारतीय होने के नाते हमारा ये कर्तव्य है कि हम देश को सही राह पर लेके जाए , कुछ ऐसा काम करे जिससे देश का फायदा हो , ये एकदुसरे को गाली देने से , एकदुसरे पर किचड उछालने से क्या देश की तरक्की होने वाली है ?  दुनिया मे हमारी मिसाले दी जाती है की वो भारत देश है जहाँ पर अलग अलग  धर्म , जात , भाषा , पेहराव के लोग एकसाथ बडे प्यार से रहते है और यहाँ हो क्या रहा है ?

देखो भाई हम आज यहाँ जो इस मुकाम पर पहुँचे है इसमे हमारे महापुरूषोंका बहोत बडा योगदान है , सभी ने देश की तरक्की मे योगदान दिया है , अब इसके आगे ले जाने की जिम्मेदारि हमारी है लेकिन हम आगे जाने की बजाए ऐसी सोच रखकर पिछे जा रहे है । सभी धर्मो का हमे सम्मान करना चाहिए और किसी भी महापुरुष पर टीका टिप्पणी नही करनी चाहिए , उससे सामाजिक सौहार्द बिगड सकता है ।

आप किसी भी शहर का इतिहास निकाल लो वहाँ पर शहर बनने से पहले कोई ना कोई एक छोटासा गाँव होगा , किसी बिल्डिंग का इतिहास निकाल लो वहाँपर बिल्डिंग बनने से पहले छोटी सी झोपडी होगी या खाली जगह होगी कहने का तात्पर्य यही है की कोई भी चीज अचानक से पैदा नही होती हर वो विकसित चीज एक अविकसित चीज से उत्पन्न होती है ।  ठीक उसी तरह आज जो भारत यहाँ तक पहुँचा इसमे सब का योगदान रहा है और अगर हमे इस देश को और आगे ले जाना है तो हमे आगे का सोचना होगा , इतिहास मे हमारे पूर्वजो ने जो आपस मे लडने की गलतियाँ की है उसे सुधारना होगा ।

हम युँ आपस मे लडते हुए कितनी पिढीयाँ बरबाद करेंगे ?

मान लो एक क्रिकेट की टीम है और उसे दुसरे टीम को हराना है लेकिन वो टीम के प्लेयर आपस मे ही लड रहे है , क्योंकि उनमे आपस मे ही मतभेद है तो क्या खाक मँच जितेंगे ? कहने का मतलब यह है कि हमे अगर दुनिया मे अपने तिरंगे की शान बढानी है , अपने देश का नाम रोशन करना है तो सारे मतभेद मिटाकर एक टीम की तरह काम करना होगा।

मान लो एक क्रिकेट की टीम है और उसे दुसरे टीम को हराना है लेकिन वो टीम के प्लेयर आपस मे ही लड रहे है , क्योंकि उनमे आपस मे ही मतभेद है तो क्या खाक मँच जितेंगे ? कहने का मतलब यह है कि हमे अगर दुनिया मे अपने तिरंगे की शान बढानी है , अपने देश का नाम रोशन करना है तो सारे मतभेद मिटाकर एक टीम की तरह काम करना होगा।

दुनिया मे सिर्फ दो ही तरह के लोग होते है एक अच्छे लोग और दुसरे बुरे लोग ,.अब ये जरूरी नही की किसी एक धर्म या जाती के लोग ही अच्छे होंगे क्योंकि जब हम इस धरती पर जन्म लेते है तो हमे पुछा नही जाता कि हमे कौन से धर्म या जाति मे जन्म लेना है, तो आप किसी का धर्म या जाती देखकर कैसे ये तय कर लेते है कि वो आदमी अच्छा है या बुरा ।

अगर आप हमारे भारत देश को तरक्की की राह पर देखना चाहते है तो हमे खुद अपने दिमाग का विकास करना होगा , कोई दूसरा क्या कहता है इससे जादा सही क्या है और गलत क्या है इसका निर्णय हमे करना होगा ।   आपने इतिहास मे पढा होगा की भारत पहले सोने की चिडीयाँ हुआ करता था लेकिन यहाँ के लोग आपस मे बँटे हुए थे इसिलिए इसका फायदा दुसरे लोगो ने लिया और हमे कई  सालो तक गुलामी मे जीना पडा  , अगर आप वही चीजे दोबारा आपस मे बँटकर एकदुसरे से लडना चाहते है तो इसका फायदा आपको तो कुछ होगा नही लेकिन तिसरा आदमी इस चीज का फायदा जरूर लेगा ।

देखिए हमे अपना विकास खुद करना होता है कोई भी हमारे घर पर आकर बच्चो को खाना नही खिलाता , अपना परिवार का पेट  हमे खुद ही पालना पडता है इसिलिए जरूरी है कि हम आर्थिक तरक्की की बातो पर ध्यान दे , आपको  अपनी तरक्की की तरफ ध्यान देना है क्योंकि अगर हर इंसान तरक्की करने लगेगा तो देश की तरक्की तो अपने आप हो ही जाएगी ना ।

किसी के साथ बेवजह झगडने से कोई फायदा होनेवाला नही है , ये बात अब पूरी दुनिया जान चुकी है इसिलिए तो कोई भी देश दुसरे देश पर आक्रमण करने से पहले हजार बार सोचता है क्योंकि वो जानते है की अगर जंग जीत भी गए तो भी जंग के कारण  उनकी अर्थव्यवस्था को बहोत नुकसान हो जाएगा ।

इसिलिए आपस मे लडना छोड दिजीए , जरा सोचिए जिस दिन आप किसीसे लडकर घर पर आते है भले ही आप उस लडाई मे या बहस मे जीत चुके हो लेकिन उन बातो का गुस्सा आप घर आकर अपने परिवार पर निकालते हो और सारा घर का माहौल खराब हो जाता है मतलब नफरत या झगडो से हम अपने आप का ही नुकसान करते है ।

लेकिन जब हम किसी से बिना बहस किए खुशी खुशी जब घर पर आते है तो चेहरे पर मुस्कुराहट होती है और वातावरण आनंदमय रहता है ।

अब आपको सोचना है की दोनो मे से आपको क्या चाहिए ।

सोशल मीडियापर अगर कोई गलत पोस्ट करता है तो वो सो जाता है पर उसके नीचे लोग तरह तरह की कमेंट लिखकर एकदुसरे के खिलाफ लिखने लगते है और फिर से वही झगडा शुरू हो जाता है , हमारा भारत देश बहोत बडा मोबाईल मार्केट है यहाँपर करोडो लोग मोबाईल इस्तेमाल करते है , इसिलिए किसी के द्वारा पोस्ट की गई कोई भी गलत चीज कई लोगो का दिल दुखा सकती है इसिलिए ऐसा ना करे ।

आप क्या चाहते है की हमारी आनेवाली पीढी ऐसे ही आपस मे लडती रहे ??

दुनिया मे सबसे बडा धर्म मानवता का है ,.जब किसी देश पर विपदा आती है तो दुनिया के दुसरे देश उसे मदद करते है ना ? क्योंकि मानवता बची रहनी चाहिए इसिलिए एकदुसरे को मदद की जाती है , अगर ऐसा हो सकता है तो फिर अपने ही देश मे अपने ही भाइयो के साथ इतनी नफरत क्यों ?

जरा दिमाग का इस्तेमाल किजीए और सही गलत का चुनाव किजीए ।

आपको ऐसे चीजो का कोई भी फायदा नही होने वाला है अगर मान भी ले कि आप किसी से बहस करके जीत भी जाए तो उसका क्या फायदा होनेवाला है ?  

झगडो की बजाए दुनिया मे बहोत सारी चीजे सीखने लायक है वो सिखीए . मोबाईल हमारे काम आसान करने के लिए बनाया गया है और हम काम करने की बजाए इन बेकार की चीजो मे पड गए है ।

अगर आपको अपने धर्म के लिए कुछ करना है तो दुसरो से लडने की बजाए आप अपने धर्म के गरीब लोगो को खाना खिला सकते है ,.उनको आर्थिक सहायता दे सकते है लेकिन नही आजकल के लोग अपने भूखे लोगो को पानी नही पिलाते और दुसरो पे बडी बडी बाते सुनाते है ।

हम सबसे पहले भारतीय है और सभी देशवासी हमारे अपने है इसिलिए सबको एकसाथ जोडके रखना होगा और एकदुसरे का साथ देके देश को बुलंदियों पर पहुँचाना होगा ।

धार्मिक होना अच्छी बात है पर जो लोग धार्मिक होकर भी सिर्फ नफरत फैलाने लगते है तो सवाल तो यही उठेगा की उन्होने धर्म से क्या सीखा ??     आप जिस भी धर्म को मानते है उसका साहित्य , किताबे अच्छे से पहले खुद पढिए और उसका अभ्यास किजीए तब आपको सच समझ मे आएगा , दुसरे की बातो पर यकीन मत किजीए । हमारे लोगो कि समस्या यह है की खुद कुछ पढते नही है और दुसरा क्या बोल रहा है उसपे यकिन कर लेते है ।

लोग धर्मनिरपेक्षता मानने वाले व्यक्ती को धार्मिक नही मानते लेकिन जो असलीयत मे धार्मिक है , जो अच्छे से जीवन के मूल्यो को जानता है , जिसने मोहमाया का त्याग किया है वह व्यक्ती धर्मनिरपेक्ष ही होता है । मतलब जो सही मे ज्ञानी है वो धर्मनिरपेक्ष ही होता है क्योंकि वह व्यक्ती मानवता के खिलाफ कभी नही जा सकता । उसके लिए सभी व्यक्ती एकसमान होते है ।

इसिलिए दोस्तो , मेरे भाईयो कुछ भी गलत पोस्ट मत किजीएँ जिससे की अपने देश के भाईचारे को नुकसान हो , आपका क्या है आप तो पोस्ट करके निकल जाते है पर भुगतना दुसरो को पडता है ।

ऐसी बाते करने से अच्छा है कि आप कोई किताब पढे , जो आपके आदर्श है उनके बारें मे पढिए और अपने बुद्धीमत्ता को बढाएँ ।

दुसरो को दुःखी करने की बजाए आप खुद खुष रहना सिखीए , अपने परिवार के बारे मे सोचिए उनको अच्छी जिंदगी दे और जब आप खुद तरक्की कर ले तो दुसरो को थोडी बहोत मदद किजीएँ ।  एकदुसरे की टाँग खिंचकर हम कभी आगे नही बढ सकते ।

क्योंकि जो आदमी अपनी सारी जिंदगी दुसरो की कमीयाँ निकालने मे लगा देगा  वो खुद तरक्की कब करेगा क्योंकि उसके पास समय कहाँ बचेगा तरक्की करने के लिए ।

एकदुसरे पर किचड उछालने से अच्छा है कि हम अपना समय अपनी तरक्की पर खर्च करे ।

अगर बात से सहमत है तो शेयर किजीएँ और सहमत नही है तो माफ किजीएँ ।

खुश रहे और स्वस्थ रहे  , जयहिंद ।

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