औकात

ये भी क्या बात है कोई नहीं साथ है खाली खाली दिन है मेरा और सुनी सुनी रात है जमाना पुछे मुझको ये, तेरी क्या औकात है बोल तेरी क्या औकात है जुता है फटा मेरा फटी भी मेरी पँट है गरीबी है धर्म मेरा गरीबी ही मेरी जात है हाँ मेरी क्या औकात है […]

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